अगर आप अपने कंप्यूटर पे रोज काम करते है और आपका कंप्यूटर इन्टरनेट से भी कनेक्ट रहता है तो शायद ये लेख आपके लिए है | क्या आप जानते है की ऐसे मामले जिनमे लोगो के कंप्यूटर में घुस कर जानकारियो की चोरी की जाती है, साल दर साल बढ़ रहे है, आपको पता भी नहीं चलेगा और कोई आपके कंप्यूटर से आपकी निजी फोटो चुरा के एक नया फेसबुक प्रोफाइल बना लेगा, और यह सच है |

हम चाहे जितनी मर्जी अपनी फाइल और ईमेल को बैक के काम करे उनको पासवर्ड वाले फ़ोल्डर्स में रखें और यह ध्यान रखे की कोई और उनको देख भी न सके, फिर भी जानकारी की चोरी कभी भी हो सकती है |

और इन सबके पीछे जिसका हाथ होता है उनको हम हैकर्स कहते है | सायबेरसेक्युरिटी जो की इन सब चीज़ों की जानकारी रखता है और समय समय पर ऐसे तरीके इज़ाद करते है जिससे हैकर्स आपकी जानकारियो को चुरा न सके , भी इसको लेकर चिंतित है , क्योंकि हर नयी सुरक्षा पे एक नए तरह का खतरा हैकर्स पैदा कर देते है |

लेकिन फिर भी ऐसे कुछ तरीके है जिससे पता चल सके की कही आपका कंप्यूटर हैक तो नहीं हुआ है, उसमे से सबसे ज्यादा प्रचलित है -

- हमेशा ध्यान रखे की कब आपका कंप्यूटर धीरे हो गया है, जैसे की आपने कंप्यूटर पे कुछ नहीं किया और आप फेसबुक जैसी साइट देख रहे हो और आपको लगे की आपका कीबोर्ड धीरे हो गया है तो तुरंत अपना कंप्यूटर दुबारा से चालू करे |

- अपने कंप्यूटर के TEMP फोल्डर पे हमेशा नज़र रखे की किस तरह की फाइल्स उसमे सेव हो रही है |

और आजकल तो एंटीवायरस कम्पनीज ने भी इस बात पे सोचना शुरू कर दिया है | मकैफी जो की एंटीवायरस बनाती है, ने ऐसा प्रोग्राम बनाने में सफलता हासिल की है की जिससे आपके कंप्यूटर को हैक करने वाले के नाम और पते के साथ आपको पता चल जायेगा की वो कौन है | इस काम में नेओवर्क्स नाम की कंपनी ने भी सहायता की है |

हम में से बहुत से लोग घंटो इन्टरनेट पे अपना टाइम बिताते है , लेकिन कभी कभी यह हानिकारक भी हो सकता है | और इसीको ध्यान में रखते हुए आजकल सोशल मीडिया वेबसाइट्स जैसे ही आप किसी और जगह से उस वेबसाइट पे लॉगिन करते है , आपको बता देती है की आपने आखिरी बार कहा से लॉगिन किया था |

तो आपको भी इन सब बातो का ध्यान रखना चाहिए -

- हमेशा हर वेबसाइट के लिए एक अलग पासवर्ड रखें

- अपने ब्राउज़र को हमेशा अपडेट करें, या नया ब्राउज़र वर्शन डाउनलोड और इनस्टॉल करे |

- सोशल वेबसाइट्स के ईमेल से सम्बंधित सभी सेटिंग्स को ऑन रखें.

- हर अकाउंट का पासवर्ड बहुत कठिन होना चाहिए और बस आपको ही याद रहना चाहिए |

- पासवर्ड्स के साथ साथ यूजरनाम भी ज्यादा आसान नहीं होना चाहिए |

- सार्वजनिक जगहों पर फ्री का वाई फाई इस्तेमाल करने से बचे |

- अपने पासवर्ड और क्रेडिट कार्ड से सम्बंधित जानकारी किसीको भी इन्टरनेट पे न दे |

- समय समय पे अपने डाटा का बैकअप लेने की आदत डाले

- किसी भी लिंक को अपने ईमेल में खोलने से पहले उसका यूआरएल जांच ले |

और अगर आपको लगे की कोई आपके कंप्यूटर में सेंध मार चूका है तो सबसे पहले अपना पासवर्ड बड़ा ले और उसके बाद आपसे जुडी हर जानकारी बदल दीजिये , यहाँ तक की आपकी प्रोफाइल पिक्चर भी |

और तुरंत अपने दोस्तों को ईमेल करके बताये की आपका अकाउंट हैक हो चूका है और उस अकाउंट से कोई भी जानकारी मांगे जाने पर किसी को कुछ न बताये |

आज भी लोगो को अष्ले मैडिसन का वो केस याद है जिसमे हैकर्स ने करोडो लोगो की जानकारी वाला डेटाबेस चुरा लिया था , और लोगो को ब्लैकमेल करना चालू कर दिया था |

लेकिन हैकर्स को दोष देने से ज्यादा हमें अपने आप में कुछ बदलाव करने की ज़रुरत है , हमें आज भी ये नहीं पता की हमारा स्मार्टफोन भी हमारे जासूसी कर सकता है , और यहाँ तक की कुछ मोबाइल ऍप हमारे मोबाइल से फोटोज भी चुरा सकती है |

चाहे iphone हो एंड्राइड फ़ोन हो या विंडोज फ़ोन हो , हैकिंग का खतरा सब में है | लेकिन फिर भी एक ज़रूरी बात जो है वो यह है की हैकर्स अपना काम करते कैसे है, चलिए इसे एक उदहारण से समझते है ,

हैकर्स हमारे आस पास का वाई फाई को चेक करके कोई मिलता जुलता वाई फाई बनाते है ताकि कोई गलती से उस पर लॉगिन कर ले और हैकर को उस मिलते जुलते नाम वाले वाई फाई का पासवर्ड पता लग जाये |

इस तरह से हैकर उस वाई फाई से अपने आप को कनेक्ट करके दुसरे कंप्यूटर और मोबाइल की जानकारी चुराते है| तो इसलिए वाई फाई राऊटर की सुरक्षा भी ज़रूरी हो जाती है |